Look Inside
Sale!

Soch se sambhavana tak

जिंदगी सोच बदले या न बदले .. पर एक सोच जिंदगी बदल देती है

LOCKDOWN में समय का बेहतरीन सदुपयोग करते हुए लेखन का कार्य प्रारंभ कर दिया, इसी बीच कुछ ऐसे संघर्षशील परिस्थिया बनती रही और मेंरी कवितायें अपना स्वरुप लेती रही हैं, जैसे २०२० के दो तूफ़ान (अम्फान और निसर्ग) और दो मेरे मन पसंद कलाकार (इरफ़ान खान सर और श्री शुशांत सिंह राजपूत जी) की आकस्मिक मृत्यु ने मुझे झकझोर दिया, मैंने उनको अपनी कविता में समाहित किया और श्रधांजलि देने के की कोशिश की |

190

SKU: 9789391010416 Categories: ,

जिंदगी सोच बदले या न बदले .. पर एक सोच जिंदगी बदल देती है

LOCKDOWN में समय का बेहतरीन सदुपयोग करते हुए लेखन का कार्य प्रारंभ कर दिया, इसी बीच कुछ ऐसे संघर्षशील परिस्थिया बनती रही और मेंरी कवितायें अपना स्वरुप लेती रही हैं, जैसे २०२० के दो तूफ़ान (अम्फान और निसर्ग) और दो मेरे मन पसंद कलाकार (इरफ़ान खान सर और श्री शुशांत सिंह राजपूत जी) की आकस्मिक मृत्यु ने मुझे झकझोर दिया, मैंने उनको अपनी कविता में समाहित किया और श्रधांजलि देने के की कोशिश की |

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Soch se sambhavana tak”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editorial Review

जिंदगी सोच बदले या न बदले .. पर एक सोच जिंदगी बदल देती है

LOCKDOWN में समय का बेहतरीन सदुपयोग करते हुए लेखन का कार्य प्रारंभ कर दिया, इसी बीच कुछ ऐसे संघर्षशील परिस्थिया बनती रही और मेंरी कवितायें अपना स्वरुप लेती रही हैं, जैसे २०२० के दो तूफ़ान (अम्फान और निसर्ग) और दो मेरे मन पसंद कलाकार (इरफ़ान खान सर और श्री शुशांत सिंह राजपूत जी) की आकस्मिक मृत्यु ने मुझे झकझोर दिया, मैंने उनको अपनी कविता में समाहित किया और श्रधांजलि देने के की कोशिश की |