Biography

Mahender Saptand

ये झंझा। ये तूफान उस माटी से उठाहेेैजहॉ की माटीहिमालय की उपत्यकाओ से उतरतीराप्तीऔर रोहिणी के संगमतटपरफैलीहै।
राष्ट्र निर्माणऔर यूनानीचुनौती से टकरानें के लिए आचार्यचाणक्य नेंजहॉं की मांटी से एक ऐसेबालककोचुनाथाजिसकीमॉसपेशियांफौलाद की बनीथी, जिसकीछाती से इन्द्र का ब्रजभीटकराकरवापसजाताथा।जिसनेंसिकन्दर के विश्वविजेताहोनें के सपनोंकोचूर-चूरकरदियाथा।
जिसमांटीमेंभगवानशिव के अंशावतारगुरू गोरखनाथनेंअपनी धूनीजलायी, जिसमाटी से चिन्गारी के रूपमेंनिकलतीहैडोमाराजपूतों के स्वाभिमानऔरतलवार की खनक।
जिसमाटी ने महानसंयासी योगानन्दकोअवतारितकिया।जिसमाटीमेंस्वामीनारायण जैसे संत का उद्भवहुआ।जिसमाटीनेंगीताप्रेसजैसादीपजलाया।जिसमाटी से रामजन्मभूमिआन्दोलनविस्तारितहुआ।
उसीमाटी से एक आवाज, एक हुकांर, एक दहाड़ चिन्गारी बन करचलपडी-माओं की प्रेतआत्माकोमुक्तिदेने