Samandar paar - kapaang saagar समंदर पार - कपांग सागर
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Samandar paar – kapaang saagar / समंदर पार – कपांग सागर

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पंचुला शहर एक छोटा और खूबसूरत शहर जोकि पहाड़ियों के आस.पास बसा हुआ है। इसी शहर में रहता है आकाशए जिसे माउंटेन क्लाइम्बिंग करने का बहुत शौक है यानी कि पहाड़ियों पर घूमने का और ये मैंकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट है। पहले आकाश अकेला ही निकल जाता था घूमने लेकिन अब इसके चार दोस्त भी उसके साथ ही जाते हैए जो कुछ समय पहले ही बने हैं। आकाश का पहला दोस्त मोहितए जिसने इंजीनियरिंग की है इलेक्ट्रॉनिक्स में और दूसरा नहीं दूसरी दोस्त हैए घानी जिसे कानों में लंबे इयररिंग्स पहनने का शौक है जोकि रिसर्च साइंटिस्ट है मगर कोई इंटरेस्ट नहीं इसे साइंस की रिसर्च में और तीसरा दोस्त है जीवन जोकि दानी है इससे कुछ भी मांगो ये दे देता है बस इसके पास होना चाहिए और ये पेशे से डॉक्टर है हार्ट का। मगर मरीज़ों के इलाज में इसकी कोई दिलचस्पी नहीं। वहीं पेशेंट को छोड़ कर इसका ध्यान सब जगह रहता है। चौथी दोस्त है घुरि ये अपने नाम की तरह ही लोगों को घूरती रहती है जोकि आर्किटेक्चर है। ये बिल्डिंग के डिज़ाइन बनाने से ज्यादा पेंटिंग करती है लेकिन इसकी कोई भी पेंटिंग नहीं बिकती। इसलिए खुद ही खरीद लेती है और एग्जबिशन में लिख देती है ‘सोल्ड आउटश्। ये सभी दोस्त अपने काम से ज्यादा अपने शौक में ज्यादा दिलचस्पी रखते हैं। वैसे तो ये सभी अच्छी कंपनियों में नौकरी कर रहे हैं लेकिन इनमें से कोई भी अपने काम से खुश नहीं है। हर रोज़ ये पाँचों दोस्त शाम को अपने काम से फ्री होने के बाद अक्सर किसी न किसी जगह मिलते हैं। इनकी बातें कुछ नया करने की प्लानिंग से शुरू होती है और घर जाने से पहले इन सबकी सारी प्लानिंग फेल हो जाती है।
खैर हमारी कहानी शुरू होती है आकाश से जोकि तैयार होकर अपनी दोस्त घानी के पास जाने की तैयारी कर रहा हैए जहाँ आज उसके बाकी सारे दोस्त भी होंगे। घानी आज घर पर अकेली थी और उसने अपने सभी दोस्तों को लंच के लिए अपने घर पर ही बुला लिया था।
आकाश ने घर से जाते हुए अपनी मम्मी से कहाए मम्मी आज मैं लंच अपने दोस्त के घर पर करूँगा३ण्ण् मेरा खाना मत बनाना।
मैंने तेरा खाना बनाया भी नहीं है। तू घर में खाना खाता ही कब हैघ्
अच्छा आज रात का डिनर पक्का३ण् ‘आपके साथ ही करूँगा।‘
सिर्फ मेरे साथ ही३ण् ‘पापा के साथ नहीं।‘
अच्छा बाबा३ण् दोनों के साथए अब मैं जाऊँ३।
अच्छा जा और कार ध्यान से चलाना।
जी३ बाय मम्मी३
बाय बेटा३ण्
घानी के सभी दोस्त उसके घर पहुँच चुके थे। खाना खाने के बादए सभी अपनी.अपनी बातों में मशगूल थे। वहीं आकाश को उदास देख कर घानी ने उससे पूछाए क्या हुआघ्
वही पुराना३ण् दिल करता हैए यहाँ से सब छोड़ कर कहीं चला जाऊँ। ये रोज़ की रूटीन वाली नौकरी करके थक गया हूँ। ऐसा लगता हैए ‘क्या मैं सिर्फ यही काम करने आया हूँ धरती परघ् क्या बस यही लाइफ है हमारीघ्श्
जीवन ने कहाए अगर हम काम नहीं करेंगे तो खाएंगे क्याघ् करना तो बहुत कुछ चाहते हैं पर वही कर सकते हैं जो हमारी पहुँच तक है।
‘चलो न ये सब छोड़ो३ण्ण्श् हम कर भी क्या सकते हैं काम के सिवाए घुरि ने कहा।
मोहित ने कहाए क्यों न हम माउंटेनियरिंग पर चले। वहाँ जाने से क्या पता कोई आईडिया ही आ जाए और वहाँ जाकर शांति से सोचें कि करना क्या हैघ्
सभी ने एक साथ कहाए ‘पहाड़ों पर घूमने३ण्श्
‘हाँ३ण् माउंटेन क्लाइम्बिंगश्
माउंटेन क्लाइम्बिंग३ कितनी बार तो गए हैं। हर बार एक ही जगह जाकर बस वापिस आ जाओए मज़ा भी नहीं आता।
इस बार नई जगह जाएंगेए प्रॉमिस।
लेकिन कहाँघ्
तैयारी तो करोए रास्ते में बता दूंगा।
सरप्राइज माउंटेनियरिंगए हुम्म३ण्ण् चलो फिर चलते हैं३ण् चलो।
सभी ने अपने ऑफिस से एक हफ्ते की छुट्टी ली और अपने पेरेंट्स को बता दिया कि वो एक हफ्ते के लिए माउंटेनियरिंग पर जा रहे हैं। अपना सामान पैक किया और ट्रैकिंग का सामान साथ लिया और अपनी कार से निकल पड़ेए पाँचों दोस्त घूमने के लिए हिमालय की ओर।
इन सभी पाँचों दोस्तों की दोस्ती भी बड़ी दिलचस्प तरीके से हुई थी। ‘वो भी एक साथ३ए एक ही दिन३ण् एक ही समय पर।‘ ये सारे दोस्त अलग.अलग फील्ड से जुड़े हुए हैं तो अब मिले कैसेघ्
ये मिले घुरि की वजह से। एक दिनए घुरि ने पार्क में घूम रहे एक कुत्ते को एक सीट पर बिठाया और उसकी पेंटिंग बनाने लगी। जब पेंटिंग बनकर तैयार हो गई तो उसने सोचा कि क्यों न एक बार उसकी पेंटिंग उसे दिखाई जाए। उसने कुत्ते को जैसे हीए उसकी पेंटिंग दिखाई तो पेंटिंग देखते ही वो घुरि को काटने के लिए उसके पीछे भौंकते हुए दौड़ पड़ा। घुरि अपनी पेंटिंग हाथ में लिए आगे दौड़ रही थी और कुत्ता उसके पीछे.पीछे। घुरि दौड़ते हुएए पार्क से निकल कर सड़क पर आ गई मगर कुत्ता उसका पीछा ही नहीं छोड़ रहा था। कुत्ते को घुरि के पीछे भागता हुआ देखए वहाँ पास में खड़ा आकाश उसे बचाने की कोशिश करने लगा तो कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। जिससे बचने के लिएए वो भी घुरि के साथ भागने लगा। फिर रास्ते में घानी ने उन दोनों को भागते हुए देखा। उसने जैसे हीए उन्हें उस कुत्ते से बचाने की कोशिश की तो उसने उस पर भी हमला कर दिया। इसी बीच कुत्ते के तीन.चार दोस्त भी वहाँ आ गए और घुरि के हाथ में ली हुईए उसके दोस्त की पेंटिंग को देख करए वो भी उसके पीछे दौड़ पड़े। वहीं इस तरह उन लोगों के पीछे कुत्तों को भागता देख मोहित भी उन सबको बचाने के लिए भागने लगा और भागते हुए उन कुत्तों के आगे अपने हाथ में लिए हुए बर्गर के टुकड़ों को तोड़.तोड़ कर डालने लगा ताकि वो उसे खाए और वहीं रुक जाएं। मगर कुत्तेए इतने गुस्से में थे कि उसके भी पीछे पड़ गए। अब ये चारों आगे.आगे कुत्ते इनके पीछे.पीछे। तभी उन कुत्तों के सामने जीवन आया और उन्हें रुकने का इशारा करते हुए अपना हाथ और एक डंडा दिखाने लगा। सभी कुत्ते वहीं रुक गए और वे चारों भी रुक गए जो इनके डर से भाग रहे थे। सभी कुत्ते उस पेंटिंग की तरफ लगातार घूर रहे थे और ज़ोर.ज़ोर से भौंक रहे थे।
जीवन ने उन चारों से पूछाए ‘तुमने क्या किया है इनके साथघ्श्
घुरि को छोड़कर तीनों घूरते हुएए एक.दूसरे की तरफ देखने लगे। मोहित ने इशारा करते हुए कहाए मैं तो इन तीनों को कुत्तों से बचाने की कोशिश कर रहा था।
घानी और आकाश ने आखिर में एक साथ घुरि की तरफ घूरते हुए कहाए हम तो बस इस लड़की को बचा रहे थेए इन कुत्तों से।
जीवन ने घुरि से पूछाए ‘तुमने क्या किया इनके साथघ्श्
‘मैंने कुछ नहीं किया३श् मैंने तो बस इस कुत्ते की पेंटिंग बनाई थी और इसे दिखाई थी जो शायद इसे बहुत पसंद आई। जिसे लेने के लिएए ये मेरे पीछे दौड़ रहा था। मैं इसे ये पेंटिंग कैसे दे दूँघ् इसे तो मैं एक्ज़ीबिशन में लगाऊँगी।

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