Biography

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Journalist Mala Dixit

पेशे से पत्रकार माला दीक्षित 19 साल से सुप्रीम कोर्ट कवर कर रही हैं। अभी दैनिक जागरण अखबार के नेशनल ब्यूरो में बतौर विशेष संवाददाता सर्वोच्च अदालत और कानून मंत्रालय तथा विधिक संस्थाओँ से जुड़ी खबरें लिख रही हैं। कोर्ट की हर सुनवाई को रोज देखना और फिर घंटों की बहस को कागज पर उतारना उनका शौक बन चुका है। कानपुर विश्वविद्यालय से बीए-एलएलबी किया और उसके बाद 1996 में दिल्ली आ गईं। कानून पत्रकरिता करते हुए बोफोर्स, लखूभाई पाठक ठगी मामला (जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव भी आरोपी थे), सेंट किट्स केस, यूरिया घोटाला, 1984 सिख विरोधी दंगा, पूर्व केंद्रीय मंत्री कप्लनाथ राय पर चला अपराधियों को पनाह देने का मुकदमा, जैन हवाला कांड, दिल्ली में सीएनजी वाहन, जयललिता को मुख्यमंत्री पद से हटाने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला, दिल्ली में मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल की अधिकारों की लड़ाई, निजता का आधार, इच्छामृत्यु, सबरीमाला, समलैंगिकता- 23 साल की सूची इतनी लंबी है कि बताना संभव नहीं लेकिन देश और आम जनता पर असर डालने वाला हर केस कवर किया।
सुप्रीम कोर्ट की एक्रेडेटेड जर्नलिस्ट (मान्यताप्राप्त पत्रकार) बनने से पहले दिल्ली हाईकोर्ट और निचली अदालतों की रिपोर्टिंग की जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिंहराव को कोर्ट में पेश होते हुए देखा तो पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, माधव राव सिंधिया, बलराम जाखड़, एचके एल भगत, कल्पनाथ राय जैसे दिग्गज नेताओं को अभियुक्त की तरह कठघरे में खड़े देखा। 2010 में अयोध्या केस का पहला फैसला कवर करने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच गईं और पूरी प्रक्रिया की गवाह बनीं.